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Uttarakhand Lower PCS Resources
Uttarakhand Lower PCS Resources
स्वतंत्रता संग्राम के नायक अनुसूया प्रसाद बहुगुणा
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उत्तराखंड के स्वतंत्रता संग्राम के नायक बद्रीदत्त पांडे
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पेशावर कांड और गढ़वाली सैनिकों का योगदान
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कुली बेगार आंदोलन: शोषण के विरुद्ध एक ऐतिहासिक संघर्ष
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स्वतंत्रता संग्राम और गढ़वाल क्षेत्र का गौरवशाली इतिहास
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स्वतंत्रता संग्राम में कुमाऊँ का गौरवशाली अध्याय
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उत्तराखंड की क्रांतिकारी महिलाएँ: स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा
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टिहरी राज्य में स्वतंत्रता संग्राम और श्रीदेव सुमन का बलिदान
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देघाट क्रांति: भारत छोड़ो आंदोलन का प्रतीक
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कुमाऊँ की बारदोली : सल्ट क्रांति
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पेशावर कांड : वीर चंद्र सिंह गढ़वाली का ऐतिहासिक योगदान
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नमक सत्याग्रह में उत्तराखंड का योगदान
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स्वतंत्रता संग्राम के नायक: बद्रीदत्त पांडे और गोविंद बल्लभ पंत
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कुली बेगार प्रथा: शोषण के विरुद्ध एक ऐतिहासिक संघर्ष
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कुमाऊँ परिषद्: उत्तराखंड में राष्ट्रीय आंदोलन का आधार
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डिबेटिंग क्लब और अल्मोड़ा अखबार: राष्ट्रीय चेतना के वाहक
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उत्तराखंड में 1857 के विद्रोह में कालू मेहरा की भूमिका
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भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उत्तराखंड के सैनिकों और क्रांतिकारियों का योगदान
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1857 के विद्रोह में उत्तराखंड की भूमिका
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टिहरी गढ़वाल रियासत का भारतीय संघ में विलय
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ब्रिटिश शासन काल में उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में सुधार
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ब्रिटिश भूमि राजस्व नीति और उत्तराखंड की कृषि पर प्रभाव
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ब्रिटिश वन नीतियों के आर्थिक परिणाम
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औपनिवेशिक काल में टिहरी रियासत के गठन और गढ़वाल की राजनीतिक दिशा
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गढ़वाल की पहचान स्थापित करने में राजा सुदर्शन शाह की भूमिका
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ब्रिटिश उपनिवेशी काल में क्षेत्रीय पहचान के संरक्षण में टिहरी राज्य का योगदान
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ब्रिटिश उपनिवेशी शासन टिहरी गढ़वाल के शासकों की स्वायत्तता
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सुगौली की संधि का उत्तराखंड के राजनीतिक और क्षेत्रीय परिदृश्य पर प्रभाव
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ब्रिटिश साम्राज्य की नीतियों में उत्तराखंड का सामरिक महत्व
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उत्तराखंड का भौगोलिक स्वरुप और उसकी भूरणनीतिक महत्ता
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उत्तराखंड की राजनीतिक संरचना में निरंतरता और परिवर्तन
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ब्रिटिश काल में उत्तराखण्ड की भू-राजनीतिक चुनौतियाँ
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भारत-नेपाल युद्ध (1814-1816) का उत्तराखंड पर प्रभाव
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गोरखा प्रशासन का उत्तराखंड पर प्रभाव
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गोरखा आक्रमण और उत्तराखंड के राजनीतिक व सामाजिक जीवन पर उसका प्रभाव
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चंद और परमार राजवंशों के इतिहास में कुमाऊँ और गढ़वाल की क्षेत्रीय पहचान
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चंद और परमार राजवंशों में राजनीतिक विस्तार की रणनीतियाँ
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चंद और परमार राजवंशों में सामंतों की भूमिका और सैन्य संरचना
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चंद और परमारों के बाहरी शक्तियों से संबंध
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चंद और परमार शासकों द्वारा कला, साहित्य और वास्तुकला का संरक्षण
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चंद और परमार राजवंशों की प्रशासनिक संरचना
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चंद और परमार राजवंशों के शासन के भौगोलिक केंद्र
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मध्यकाल में उत्तराखंड का परराष्ट्र (पड़ोसी राज्यों से) संबंध
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मध्यकालीन उत्तराखंड के इतिहास में अल्मोड़ा और श्रीनगर (गढ़वाल) की भूमिका
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टिहरी रियासत और पंवार राजवंश का संबंध
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परमारों की प्रशासनिक नीतियाँ और क्षेत्रीय सत्ता सुदृढ़ीकरण
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पंवार राजवंश का मंदिर स्थापत्य
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पंवार राजवंश और गढ़वाल का एक संयुक्त राज्य के रूप में एकीकरण
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पंवार राजवंश के महत्वाकांक्षी राजा “गर्व भंजन” महिपत शाह
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कला, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण में पंवार शासकों का योगदान
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पंवार राजवंश की प्रशासनिक व्यवस्था
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पंवार वंश के काल में देवलगढ़ और श्रीनगर की सामरिक भूमिका
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पंवार राजवंश का महानतम शासक: अजय पाल
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गढ़वाल के इतिहास में पंवार राजवंश का योगदान
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चंद शासनकाल में कुमाऊँ में सांस्कृतिक पुनर्जागरण
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चंद राजवंश का प्रशासन
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चंद राजवंश की कर प्रणाली
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कुमाऊँ के किलों का रणनीतिक और सामरिक महत्व
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चंद राजा उद्योत चंद की उपलब्द्धियों का मूल्याङ्कन
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चंद शासन: पड़ोसी व विदेशी राज्यों के प्रति नीतियाँ
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चंद शासन : साहित्य को संरक्षण
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कुमाऊँ को संगठित करने और समृद्धि बढ़ाने में चंद शासक रुद्र चंद का योगदान
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चंद राजवंश और मुगलों के साथ संबंध
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चंद राजवंश , विशेष रूप से रुद्र चंद के शासनकाल में क्षेत्रीय विस्तार
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चंद शासकों की प्रशासनिक संरचना का मूल्यांकन तथा उसकी कत्युरी शासकों से तुलना
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कुमाऊँ में चन्द वंश का शासनकाल : सांस्कृतिक पुनर्जागरण
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चन्द वंश और कुमाऊँ की कला, स्थापत्य व साहित्य पर प्रभाव
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चंद राजा गरुड़ ज्ञानचंद की राजनैतिक प्रभाव
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बाज बहादुर चन्द द्वारा क्षेत्रीय विस्तार और उसका प्रभाव
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चंद राजा सोमचंद का योगदान
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चंद राजवंश का इतिहास
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चंद राजवंश : इतिहास के प्रमुख श्रोत
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चंद राजवंश का प्रशासन
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चंद राजवंश की कर प्रणाली
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कुमाऊँ के किलों का रणनीतिक और सामरिक महत्व
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चंद राजा उद्योत चंद की उपलब्द्धियों का मूल्याङ्कन
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चंद शासन: पड़ोसी व विदेशी राज्यों के प्रति नीतियाँ
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चंद शासन : साहित्य को संरक्षण
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कुमाऊँ को संगठित करने और समृद्धि बढ़ाने में चंद शासक रुद्र चंद का योगदान
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चंद राजवंश और मुगलों के साथ संबंध
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चंद राजवंश , विशेष रूप से रुद्र चंद के शासनकाल में क्षेत्रीय विस्तार
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चंद शासकों की प्रशासनिक संरचना का मूल्यांकन तथा उसकी कत्युरी शासकों से तुलना
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कुमाऊँ में चन्द वंश का शासनकाल : सांस्कृतिक पुनर्जागरण
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चन्द वंश और कुमाऊँ की कला, स्थापत्य व साहित्य पर प्रभाव
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चंद राजा गरुड़ ज्ञानचंद की राजनैतिक प्रभाव
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बाज बहादुर चन्द द्वारा क्षेत्रीय विस्तार और उसका प्रभाव
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चंद राजा सोमचंद का योगदान
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चंद राजवंश का इतिहास
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चंद राजवंश : इतिहास के प्रमुख श्रोत
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कत्यूरी वंश का पतन और राजनीतिक सत्ता के विखंडन
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कत्यूरी काल – कला, स्थापत्य और संस्कृति के उत्कर्ष का युग
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कत्यूरी राजाओं की प्रशासनिक व्यवस्था और उसका प्रभाव
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कत्यूरी शासकों की आर्थिक नीतियाँ और उनका प्रभाव
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कत्युरी शासनकाल में उत्तराखंड का भू-सामरिक महत्त्व
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कत्युरी वंश का राजनीतिक और सांस्कृतिक योगदान
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कत्युरी राजवंश की उत्पत्ति और उदय
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गहत की दाल: उत्तराखंड का पारंपरिक व्यंजन
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उत्तराखंड की वीरांगना: तीलू रौतेली
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उत्तराखंड का लाल चावल: पारंपरिक कृषि की विरासत
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