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उत्तराखंड के राष्ट्रीय उद्यान और अभ्यारण्य: विस्तृत विश्लेषण

उत्तराखंड की अद्वितीय जैव-विविधता और हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने के लिए राज्य में एक विस्तृत नेटवर्क स्थापित है। राष्ट्रीय उद्यानों और अभ्यारण्यों का यह संजाल न केवल वन्यजीवों को सुरक्षित आवास प्रदान करता है, बल्कि वैश्विक पर्यटन और अनुसंधान का केंद्र भी है।

  1. संरक्षित नेटवर्क: उत्तराखंड में कुल 6 राष्ट्रीय उद्यान, 7 वन्यजीव विहार, 4 संरक्षण आरक्षित क्षेत्र और 2 प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थल हैं। राज्य का लगभग 9.36% भूभाग राष्ट्रीय उद्यानों के अंतर्गत आता है।
  2. संवैधानिक सुरक्षा: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48A और 51A(g) के तहत वन्यजीवों की रक्षा करना राज्य का कर्तव्य और नागरिकों का मूल कर्तव्य है। 1972 के वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत इन क्षेत्रों का प्रबंधन किया जाता है।
  3. कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान (1936): यह न केवल भारत बल्कि एशिया का पहला राष्ट्रीय उद्यान है। स्थापना के समय इसका नाम ‘हेली नेशनल पार्क’ था। 1973 में यह भारत का पहला ‘टाइगर रिजर्व’ बना।
  4. सर्वाधिक पर्यटक स्थल: कॉर्बेट पार्क अपने बाघों और हाथियों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। नैनीताल और पौड़ी में फैला यह उद्यान राज्य में सर्वाधिक राजस्व और पर्यटक आकर्षित करता है।
  5. गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान (1989): उत्तरकाशी में स्थित यह उद्यान राज्य का सबसे बड़ा (2390 वर्ग किमी) नेशनल पार्क है। गंगा का उद्गम स्थल ‘गोमुख’ इसी क्षेत्र में सुरक्षित है।
  6. फूलों की घाटी (1982): चमोली में स्थित यह राज्य का सबसे छोटा राष्ट्रीय उद्यान है। इसे 2005 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित किया गया। इसकी खोज 1931 में फ्रैंक एस. स्माइथ ने की थी।
  7. नंदादेवी राष्ट्रीय उद्यान (1982): चमोली में स्थित यह उद्यान कस्तूरी मृग और हिम तेंदुओं के लिए प्रसिद्ध है। इसे 1988 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था।
  8. राजाजी राष्ट्रीय उद्यान (1983): देहरादून, हरिद्वार और पौड़ी में फैला यह उद्यान हाथियों के लिए विख्यात है। इसका नामकरण भारत के अंतिम गवर्नर जनरल सी. राजगोपालाचारी के नाम पर किया गया है।
  9. गोविन्द राष्ट्रीय उद्यान (1980): उत्तरकाशी में स्थित यह उद्यान ‘हिम तेंदुआ परियोजना’ के लिए महत्वपूर्ण है। यहाँ प्रसिद्ध ‘हर की दून’ घाटी स्थित है।
  10. केदारनाथ वन्यजीव विहार (1972): चमोली और रुद्रप्रयाग में विस्तृत यह राज्य का सबसे बड़ा वन्यजीव विहार है, जिसे विशेष रूप से कस्तूरी मृग के संरक्षण हेतु स्थापित किया गया था।
  11. अस्कोट वन्यजीव विहार (1986): पिथौरागढ़ में स्थित यह अभ्यारण्य सर्वाधिक कस्तूरी मृग संख्या के लिए प्रसिद्ध है।
  12. मसूरी वन्यजीव विहार (1993): देहरादून में स्थित यह राज्य का सबसे छोटा वन्यजीव विहार है। यह दुर्लभ ‘पहाड़ी बटेर’ (Mountain Quail) के संरक्षण हेतु जाना जाता है।
  13. नंधौर वन्यजीव विहार (2012): नैनीताल और चम्पावत में फैला यह राज्य का सबसे नया वन्यजीव विहार है, जो बाघों और हाथियों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
  14. आसन वेटलैंड (2005): देहरादून में यमुना किनारे स्थित यह स्थल 2020 में उत्तराखंड का पहला रामसर स्थल बना। यह साइबेरियन पक्षियों का पसंदीदा प्रवास स्थल है।
  15. झिलमिल झील आरक्षिति: हरिद्वार में स्थित यह क्षेत्र विशेष रूप से बारहसिंगा (Swamp Deer) के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है।
  16. हिम तेंदुआ संरक्षण केंद्र: देश का पहला हिम तेंदुआ संरक्षण केंद्र उत्तरकाशी के लंका (भैरोंघाटी) में प्रस्तावित है, जो नीदरलैंड के सहयोग से बनाया जा रहा है।
  17. कस्तूरी मृग परियोजना: इस राजकीय पशु के संरक्षण हेतु महरूड़ी (बागेश्वर) और कांचुला खर्क (चमोली) में विशेष अनुसंधान एवं प्रजनन केंद्र स्थापित किए गए हैं।
  18. विश्व प्राकृतिक धरोहर केंद्र: यूनेस्को द्वारा देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान में विश्व के प्रथम प्राकृतिक धरोहर केंद्र की स्थापना को मंजूरी दी गई है।
  19. IUCN स्थिति: राज्य के प्रमुख जीव जैसे बाघ, हाथी और कस्तूरी मृग संकटग्रस्त‘ (EndangereD. श्रेणी में हैं, जिनका इन-सीटू (In-situ) संरक्षण यहाँ प्राथमिकता है।

निष्कर्ष:

उत्तराखंड के ये संरक्षित क्षेत्र न केवल जैव-विविधता के भंडार हैं, बल्कि ‘इको-टूरिज्म’ के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण शिक्षा के सशक्त स्तंभ भी हैं।

वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी

  • उत्तराखंड के संरक्षित नेटवर्क के संदर्भ में कौन सा कथन सही है?
  1. राज्य में कुल 6 राष्ट्रीय उद्यान और 7 वन्यजीव विहार स्थित हैं।
  2. उत्तराखंड का लगभग 9.36% भूभाग राष्ट्रीय उद्यानों के अंतर्गत आता है।
  3. राज्य में 2 प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थल (नंदादेवी और फूलों की घाटी) शामिल हैं।
  4. उपरोक्त सभी

उत्तर: D. उपरोक्त सभी

  • कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान के ऐतिहासिक और वर्तमान महत्व के बारे में क्या सत्य है?
  1. यह भारत और एशिया का पहला राष्ट्रीय उद्यान है, जिसकी स्थापना 1936 में हुई थी।
  2. स्थापना के समय इसका नाम ‘हेली नेशनल पार्क’ था।
  3. 1973 में यह भारत का पहला ‘टाइगर रिजर्व’ बना।
  4. उपरोक्त सभी

उत्तर: D. उपरोक्त सभी

  • गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान (उत्तरकाशी) की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं?
  1. यह 2390 वर्ग किमी के साथ उत्तराखंड का सबसे बड़ा नेशनल पार्क है।
  2. इसकी स्थापना वर्ष 1989 में की गई थी।
  3. गंगा का मुख्य उद्गम स्थल ‘गोमुख’ इसी उद्यान के भीतर सुरक्षित है।
  4. उपरोक्त सभी

उत्तर: D. उपरोक्त सभी

  • फूलों की घाटीराष्ट्रीय उद्यान के संबंध में सही तथ्यों का चयन करें:
  1. यह चमोली जिले में स्थित राज्य का सबसे छोटा राष्ट्रीय उद्यान है।
  2. इसकी खोज 1931 में फ्रैंक एस. स्माइथ ने की थी।
  3. इसे वर्ष 2005 में यूनेस्को (UNESCO) द्वारा विश्व धरोहर घोषित किया गया।
  4. उपरोक्त सभी

उत्तर: D. उपरोक्त सभी

  • नंदादेवी राष्ट्रीय उद्यान और राजाजी राष्ट्रीय उद्यान के बारे में क्या सत्य है?
  1. नंदादेवी राष्ट्रीय उद्यान को 1988 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया।
  2. राजाजी राष्ट्रीय उद्यान का नामकरण सी. राजगोपालाचारी के नाम पर किया गया है।
  3. राजाजी राष्ट्रीय उद्यान देहरादून, हरिद्वार और पौड़ी जिलों में विस्तृत है।
  4. उपरोक्त सभी

उत्तर: D. उपरोक्त सभी

  • राज्य के सबसे बड़े और सबसे छोटे वन्यजीव विहारों के संदर्भ में सही विकल्प चुनें:
  1. केदारनाथ वन्यजीव विहार (चमोली-रुद्रप्रयाC. राज्य का सबसे बड़ा वन्यजीव विहार है।
  2. मसूरी वन्यजीव विहार (देहरादून) राज्य का सबसे छोटा वन्यजीव विहार है।
  3. मसूरी वन्यजीव विहार दुर्लभ ‘पहाड़ी बटेर’ (Mountain Quail) के लिए जाना जाता है।
  4. उपरोक्त सभी

उत्तर: D. उपरोक्त सभी

  • कस्तूरी मृग के संरक्षण हेतु किए गए प्रयासों के बारे में कौन सा कथन सही है?
  1. केदारनाथ वन्यजीव विहार विशेष रूप से कस्तूरी मृग के संरक्षण हेतु स्थापित किया गया था।
  2. पिथौरागढ़ का अस्कोट वन्यजीव विहार सर्वाधिक कस्तूरी मृग संख्या के लिए प्रसिद्ध है।
  3. कांचुला खर्क (चमोली) में कस्तूरी मृग प्रजनन एवं संरक्षण केंद्र स्थापित है।
  4. उपरोक्त सभी

उत्तर: D. उपरोक्त सभी

  • उत्तराखंड के आसन वेटलैंडऔर झिलमिल झीलके संबंध में क्या सत्य है?
  1. आसन वेटलैंड (देहरादून) 2020 में उत्तराखंड का पहला रामसर स्थल बना।
  2. झिलमिल झील आरक्षिति (हरिद्वार) बारहसिंगा (Swamp Deer) के लिए प्रसिद्ध है।
  3. आसन वेटलैंड साइबेरियन पक्षियों का एक प्रमुख प्रवास स्थल है।
  4. उपरोक्त सभी

उत्तर: D. उपरोक्त सभी

  • राज्य में वन्यजीव संरक्षण की नई परियोजनाओं के बारे में सही तथ्य चुनें:
  1. देश का पहला हिम तेंदुआ संरक्षण केंद्र उत्तरकाशी के लंका (भैरोंघाटी) में प्रस्तावित है।
  2. इस केंद्र का निर्माण नीदरलैंड के सहयोग से किया जा रहा है।
  3. नंधौर वन्यजीव विहार (2012) राज्य का सबसे नया वन्यजीव विहार है।
  4. उपरोक्त सभी

उत्तर: D. उपरोक्त सभी

  • वन्यजीवों की सुरक्षा के संवैधानिक और अंतरराष्ट्रीय प्रावधानों के संदर्भ में क्या सही है?
  1. संविधान के अनुच्छेद 51A(g) के तहत वन्यजीवों की रक्षा करना नागरिकों का मूल कर्तव्य है।
  2. राज्य के बाघ, हाथी और कस्तूरी मृग IUCN की ‘संकटग्रस्त’ (EndangereD. श्रेणी में हैं।
  3. देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान में विश्व के प्रथम प्राकृतिक धरोहर केंद्र की स्थापना को मंजूरी मिली है।
  4. उपरोक्त सभी

उत्तर: D. उपरोक्त सभी

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