उत्तराखंड की झीलें और ताल न केवल इस हिमालयी राज्य की सुंदरता में चार चाँद लगाते हैं, बल्कि ये पारिस्थितिकी और पर्यटन के मुख्य आधार भी हैं।
- झीलों का जिला: कुमाऊं मंडल के नैनीताल को उत्तराखंड का ‘लेक डिस्ट्रिक्ट’ (झीलों का जिला) कहा जाता है, क्योंकि यहाँ झीलों की सघनता सबसे अधिक है।
- निर्माण प्रक्रिया: यहाँ की अधिकांश झीलों का निर्माण हिमानी क्रियाओं (Glacial), भूस्खलन और विवर्तनिक (Tectonic) हलचलों के परिणामस्वरूप हुआ है।
- कुमाऊं की सबसे बड़ी झील: भीमताल कुमाऊं क्षेत्र की सबसे बड़ी झील है। इसकी आकृति त्रिभुजाकार है और इसके मध्य में एक सुंदर टापू स्थित है।
- कुमाऊं की सबसे गहरी झील: नौकुचियाताल कुमाऊं की सबसे गहरी झील मानी जाती है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है, इसके नौ कोने हैं और यह पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग है।
- गढ़वाल की सबसे बड़ी और गहरी झील: सहस्त्रताल (टिहरी) को गढ़वाल मंडल की सबसे बड़ी और सबसे गहरी झील होने का गौरव प्राप्त है।
- रहस्यमयी रूपकुंड: चमोली में स्थित रूपकुंड को ‘कंकाल झील’ कहा जाता है, क्योंकि इसके किनारों पर प्राचीन मानव कंकाल पाए जाते हैं।
- नैनीताल (त्रि-ऋषि सरोवर): स्कंदपुराण में इसे ‘त्रि-ऋषि सरोवर’ कहा गया है। सात पहाड़ियों से घिरी इस विश्वप्रसिद्ध झील की खोज 1841 में पी. बैरन ने की थी।
- सातताल का समूह: नैनीताल जिले में स्थित सातताल कई झीलों (राम, सीता, लक्ष्मण, नल-दमयंती आदि) का समूह है, जो अपनी प्राकृतिक शांति के लिए जाना जाता है।
- सिखों का पवित्र तीर्थ – हेमकुंड: चमोली में सात चोटियों से घिरी हेमकुंड (लोकपाल) झील के किनारे सिखों का प्रसिद्ध गुरुद्वारा और लक्ष्मण मंदिर स्थित है।
- त्रिकोणीय संतोपथ: चमोली की इस झील के तीन कोने हैं, जिन्हें ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक माना जाता है। यहीं से अलकनंदा नदी का उद्गम होता है।
- छह कोनों वाला डोडीताल: उत्तरकाशी में स्थित यह झील अपनी सुंदरता और ट्राउट मछलियों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ से अस्सी गंगा नदी निकलती है।
- भाई-बहन का ताल: टिहरी स्थित महासरताल को ‘भाई-बहन का ताल’ कहा जाता है, जिसकी आकृति कटोरे के समान है।
- वासुकीताल की विशेषता: यह झील अपने लाल रंग के जल और दुर्लभ नीले कमलों के लिए जानी जाती है। यह केदारनाथ के समीप स्थित है।
- गांधी सरोवर (चौराबाड़ी ताल): केदारनाथ के पास स्थित इस झील में 1948 में महात्मा गांधी की अस्थियां विसर्जित की गई थीं। 2013 की आपदा में यह झील टूट गई थी।
- नचिकेता ताल: उत्तरकाशी का यह ताल ऋषि उद्दालक के पुत्र नचिकेता के नाम पर प्रसिद्ध है, जिसके किनारे एक छोटा मंदिर स्थित है।
- खुरपाताल का अनूठा आकार: नैनीताल के पास स्थित इस झील का आकार जानवर के खुर जैसा है और इसका जल गहरे हरे रंग का दिखाई देता है।
- उबलता फाचकण्डी बया ताल: उत्तरकाशी का यह ताल अपने उबलते हुए जल के लिए पर्यटकों और शोधकर्ताओं के बीच कौतूहल का विषय रहता है।
- श्यामलाताल और विवेकानंद आश्रम: चम्पावत की इस झील के तट पर स्वामी विवेकानंद आश्रम स्थित है और यह अपने सफेद कमलों के लिए प्रसिद्ध है।
- अल्पज्ञात एवं विशिष्ट ताल: राज्य में काकभुशुण्डि (नीले जल वाला), यमताल (सदैव बर्फ से ढका) और काणाताल (जलविहीन) जैसे विशिष्ट ताल भी पाए जाते हैं।
- सांस्कृतिक एवं पारिस्थितिक महत्व: ये झीलें न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र हैं, बल्कि स्थानीय जैव विविधता और जल आपूर्ति के लिए उत्तराखंड की जीवनरेखा हैं।
वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी
प्रश्न 1. उत्तराखंड में झीलों के जिले (Lake District) और उनके निर्माण के संदर्भ में क्या सही है?
- नैनीताल को उत्तराखंड का ‘लेक डिस्ट्रिक्ट’ कहा जाता है।
- यहाँ झीलों का निर्माण हिमानी, भूस्खलन और विवर्तनिक हलचलों से हुआ है।
- झीलों की सबसे अधिक सघनता कुमाऊं मंडल के नैनीताल जिले में है।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
प्रश्न 2. कुमाऊं क्षेत्र की प्रमुख झीलों की विशेषताओं के बारे में कौन सा कथन सत्य है?
- भीमताल कुमाऊं की सबसे बड़ी झील है और इसकी आकृति त्रिभुजाकार है।
- नौकुचियाताल कुमाऊं की सबसे गहरी झील है जिसके नौ कोने हैं।
- सातताल कई झीलों (राम, सीता, लक्ष्मण आदि) का समूह है।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
प्रश्न 3. नैनीताल (त्रि-ऋषि सरोवर) के ऐतिहासिक और भौगोलिक तथ्यों के बारे में क्या सही है?
- स्कंदपुराण में नैनीताल को ‘त्रि-ऋषि सरोवर’ कहा गया है।
- इस झील की खोज 1841 में पी. बैरन (P. Barron) ने की थी।
- यह झील सात पहाड़ियों से घिरी हुई है।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
प्रश्न 4. चमोली जिले में स्थित प्रसिद्ध झीलों के बारे में सही विकल्प चुनें:
- रूपकुंड को ‘कंकाल झील’ कहा जाता है क्योंकि यहाँ प्राचीन मानव कंकाल मिले हैं।
- हेमकुंड (लोकपाल) सात चोटियों से घिरा है और सिखों का पवित्र तीर्थ है।
- संतोपथ ताल त्रिकोणीय है और यहाँ से अलकनंदा नदी का उद्गम होता है।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
प्रश्न 5. गढ़वाल मंडल की झीलों के संबंध में कौन सा तथ्य सही है?
- सहस्त्रताल (टिहरी) गढ़वाल मंडल की सबसे बड़ी और गहरी झील है।
- डोडीताल (उत्तरकाशी) छह कोनों वाली झील है जो ट्राउट मछलियों के लिए प्रसिद्ध है।
- महासरताल (टिहरी) को ‘भाई-बहन का ताल’ कहा जाता है।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
प्रश्न 6. केदारनाथ के समीप स्थित तालों के बारे में क्या सत्य है?
- वासुकीताल अपने लाल रंग के जल और दुर्लभ नीले कमलों के लिए प्रसिद्ध है।
- चौराबाड़ी ताल को ‘गांधी सरोवर’ कहा जाता है क्योंकि यहाँ गांधी जी की अस्थियां विसर्जित की गई थीं।
- 2013 की केदारनाथ आपदा के समय चौराबाड़ी ताल का तटबंध टूट गया था।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
प्रश्न 7. उत्तरकाशी जिले के विशिष्ट तालों के बारे में सही कथन का चयन करें:
- नचिकेता ताल ऋषि उद्दालक के पुत्र नचिकेता के नाम पर प्रसिद्ध है।
- फाचकण्डी बया ताल अपने उबलते हुए जल के लिए जाना जाता है।
- डोडीताल से अस्सी गंगा नदी का उद्गम होता है।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
प्रश्न 8. नैनीताल के समीप स्थित अन्य तालों की विशेषताओं के बारे में क्या सही है?
- खुरपाताल का आकार जानवर के खुर जैसा है।
- खुरपाताल के जल का रंग गहरा हरा दिखाई देता है।
- भीमताल के मध्य में एक सुंदर टापू स्थित है।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
प्रश्न 9. चम्पावत की श्यामलाताल झील के बारे में कौन से तथ्य सही हैं?
- इस झील के तट पर स्वामी विवेकानंद आश्रम स्थित है।
- यह झील अपने सफेद कमलों के लिए प्रसिद्ध है।
- यह कुमाऊं क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और धार्मिक झील है।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
प्रश्न 10. राज्य के विशिष्ट और अल्पज्ञात तालों के संदर्भ में क्या सत्य है?
- काकभुशुण्डि ताल का जल नीले रंग का है।
- यमताल सदैव बर्फ से ढका रहता है।
- काणाताल जलविहीन (बिना पानी वाला) ताल है।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी