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भारत के प्रधानमंत्री के अधिकार, कर्तव्य और स्थिति

प्रस्तावना:

भारत में प्रधानमंत्री का पद सबसे महत्वपूर्ण एवं प्रभावशाली माना जाता है। प्रधानमंत्री वास्तविक कार्यपालिका का प्रमुख होता है, जबकि राष्ट्रपति केवल संवैधानिक प्रमुख होता है। संविधान ने प्रधानमंत्री को मंत्रिपरिषद का प्रधान और राष्ट्र की नीतियों के निर्देशन हेतु केंद्रीय स्थान प्रदान किया है। लोकतंत्र की कार्यप्रणाली में प्रधानमंत्री न केवल सरकार का संचालन करता है बल्कि संसद, मंत्रिपरिषद् और राष्ट्र के बीच समन्वय स्थापित करता है।

  1. मंत्रिपरिषद् का प्रमुख
  • प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद् का प्रमुख होता है और उसी के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद् कार्य करती है।
  • मंत्रिपरिषद् के गठन में राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री ही सलाह देता है, कौन मंत्री बनेगा और किसे कौन-सा विभाग मिलेगा, यह निर्णय भी प्रधानमंत्री का होता है।
  • मंत्रिपरिषद् के पद छोड़ने की स्थिति में संपूर्ण मंत्रिपरिषद स्वतः भंग मानी जाती है, इससे प्रधानमंत्री की केंद्रीय स्थिति स्पष्ट होती है।
  1. राष्ट्रपति के सलाहकार
  • प्रधानमंत्री राष्ट्रपति के सभी संवैधानिक कृत्यों में प्रमुख सलाहकार होता है।
  • राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर ही मंत्रियों, राज्यपालों, राजदूतों एवं अन्य महत्वपूर्ण पदों की नियुक्तियाँ करता है।
  1. मंत्रिपरिषद् का संचालनकर्ता
  • प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद् की बैठक का नेतृत्व करता है और एजेंडा तय करता है।
  • सभी मंत्रालयों और विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर प्रशासन को सुचारु रूप से चलाना प्रधानमंत्री का कार्य है।
  • किसी भी मंत्रालय में वास्तविक कार्यवाही का अंतिम नियंत्रण प्रधानमंत्री के पास रहता है।
  1. नीति-निर्धारण और विधायी भूमिका
  • प्रधानमंत्री सरकार की नीतियों के निर्माण में केंद्रीय भूमिका निभाता है।
  • संसद में सरकार की ओर से नीति विवरण, महत्वपूर्ण घोषणाएँ तथा विधेयक प्रस्तुत करना प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी होती है।
  • लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल का नेता होते हुए प्रधानमंत्री को संसद का विश्वास बनाए रखना पड़ता है।
  1. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व
  • प्रधानमंत्री विदेशी राष्ट्राध्यक्षों से संबंधों की नींव रखता है और भारत का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर करता है।
  • विदेश नीति की दिशा का निर्धारण भी बड़े स्तर पर प्रधानमंत्री के नेतृत्व में होता है।
  1. राजनीतिक व्यवस्था का धुरी
  • प्रधानमंत्री को भारतीय संसदीय प्रणाली का धुरी या केंद्रबिंदु कहा जाता है।
  • वह लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल का नेता होता है और राजनीतिक स्थिरता उसके नेतृत्व पर निर्भर करती है।
  • प्रधानमंत्री के कार्यकाल की स्थिरता से ही सरकार की कार्यक्षमता सुनिश्चित होती है।

निष्कर्ष:

भारत के प्रधानमंत्री की स्थिति राजनीति और शासन की धुरी है। प्रधानमंत्री केवल मंत्रिपरिषद् का प्रमुख ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय नीतियों का निर्माता, संसद और राष्ट्रपति के बीच सेतु, तथा विदेशों में भारत की आवाज़ है। उसकी भूमिका और अधिकार स्पष्ट करते हैं कि भारतीय लोकतंत्र में वास्तविक कार्यपालिका प्रधानमंत्री ही होता है। वह राष्ट्र के प्रशासन, विधायन और अंतरराष्ट्रीय संबंधों का केंद्रीय संचालक है और यही कारण है कि उसे “भारतीय शासन प्रणाली का धुरी” माना जाता है।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न और उत्तर (MCQs)

प्रश्न 1: भारत में वास्तविक कार्यपालिका का प्रमुख कौन होता है?
(a) राष्ट्रपति
(b) प्रधानमंत्री
(c) लोकसभा अध्यक्ष
(d) मुख्य न्यायाधीश

उत्तर: (b) प्रधानमंत्री
व्याख्या: भारतीय संविधान में राष्ट्रपति को संवैधानिक प्रमुख माना गया है, जबकि वास्तविक कार्यपालिका का प्रमुख प्रधानमंत्री होता है। प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद् का नेतृत्व करता है, नीति निर्माण करता है और सरकार के कामकाज का नियंत्रण करता है। वही प्रशासनिक, विधायी और अंतरराष्ट्रीय मामलों का मार्गदर्शन करता है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री को भारतीय शासन प्रणाली का केंद्रीय स्तंभ माना जाता है।

प्रश्न 2: यदि प्रधानमंत्री इस्तीफा दे देता है तो क्या होता है?
(a) केवल प्रधानमंत्री पद रिक्त होता है
(b) मंत्रिपरिषद् स्वतः भंग हो जाती है
(c) केवल नए प्रधानमंत्री की नियुक्ति होती है, मंत्रिपरिषद् जारी रहती है
(d) राष्ट्रपति नए मंत्रियों की नियुक्ति करता है

उत्तर: (b) मंत्रिपरिषद् स्वतः भंग हो जाती है
व्याख्या: संविधान के अनुसार प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद् का प्रमुख और धुरी है। यदि प्रधानमंत्री इस्तीफा देता है, तो मंत्रिपरिषद का अस्तित्व ही समाप्त हो जाता है। इसका कारण यह है कि मंत्रिपरिषद् का गठन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में होता है और उसका पद छोड़ते ही पूरी परिषद भंग मान ली जाती है। यह प्रधानमंत्री की केंद्रीय भूमिका को दर्शाता है।

प्रश्न 3: प्रधानमंत्री संसद में किसकी ओर से नीतियाँ प्रस्तुत करता है?
(a) राष्ट्रपति की
(b) मंत्रिपरिषद् की
(c) न्यायपालिका की
(d) विपक्ष की

उत्तर: (b) मंत्रिपरिषद् की
व्याख्या: संसद में सरकार की नीतियों को प्रस्तुत करने, घोषणाएँ करने और विधेयक पारित कराने की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री की होती है। प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद् की ओर से संसद का विश्वास बनाए रखता है। लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल का नेता होने के कारण संसद में नीतिगत विषयों पर सरकार को उत्तरदायी बनाना भी उसका मुख्य कार्य है।

प्रश्न 4: अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कौन करता है?
(a) राष्ट्रपति
(b) लोकसभा अध्यक्ष
(c) प्रधानमंत्री
(d) विदेश मंत्री

उत्तर: (c) प्रधानमंत्री
व्याख्या: प्रधानमंत्री विदेश नीति के निर्धारण और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को बनाए रखने में प्रमुख भूमिका निभाता है। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों से वार्ता, समझौते और वैश्विक मंचों पर भारत की छवि प्रस्तुत करना प्रधानमंत्री के नेतृत्व में होता है। इस प्रकार प्रधानमंत्री न केवल आंतरिक शासन का बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों का भी मार्गदर्शन करता है।

प्रश्न 5: भारतीय संसदीय प्रणाली का धुरी किसे कहा जाता है?
(a) राज्यपाल
(b) प्रधानमंत्री
(c) राष्ट्रपति
(d) वित्त मंत्री

उत्तर: (b) प्रधानमंत्री
व्याख्या: प्रधानमंत्री को भारतीय संसदीय प्रणाली का धुरी या केंद्रबिंदु कहा जाता है। कारण यह है कि सरकार की स्थिरता सीधे-सीधे प्रधानमंत्री पर निर्भर होती है। वह मंत्रिपरिषद् का नेता है, संसद और राष्ट्रपति के बीच समन्वय करता है तथा राष्ट्रीय नीतियों का निर्माण करता है। उसकी भूमिका से ही शासन प्रणाली प्रभावी और स्थिर रह पाती है।

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