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भारतीय संविधान निर्माण का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

प्रस्तावना:

भारतीय संविधान केवल एक विधिक दस्तावेज नहीं बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और अनेक दशकों की संवैधानिक विकास यात्रा का परिणाम है। यह संविधान भारत की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं और स्वतंत्रता की भावना का जीवंत प्रतीक है। इसके निर्माण की पृष्ठभूमि को समझने के लिए हमें औपनिवेशिक काल से लेकर स्वतंत्रता प्राप्ति तक की घटनाओं पर दृष्टिपात करना आवश्यक है।

संविधान निर्माण की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

  1. औपनिवेशिक कानूनों की नींव
    भारत में संवैधानिक विकास की शुरुआत ब्रिटिश शासन के विभिन्न अधिनियमों से हुई:
    • रेगुलेटिंग एक्ट, 1773 : इसने ब्रिटिश संसद द्वारा भारत के प्रशासन में हस्तक्षेप का मार्ग प्रशस्त किया।
    • भारतीय परिषद अधिनियम, 1861 : इसने गवर्नर जनरल की परिषद में गैर-आधिकारिक भारतीय सदस्यों को शामिल करने की अनुमति दी।
    • भारत सरकार अधिनियम, 1919 (मॉण्टेग्यु-चेम्सफोर्ड सुधार) : इसने द्वैध शासन (Dyarchy) की अवधारणा को प्रांतों में लागू किया।
    • भारत सरकार अधिनियम, 1935 : इसने संघीय ढांचे की परिकल्पना की और भारत के अंतिम संवैधानिक विकास की नींव रखी। भारतीय संविधान ने अनेक प्रावधान इसी अधिनियम से लिए।
  2. भारत की स्वतंत्रता संग्राम से प्रेरणा
    भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन ने संविधान निर्माण की दिशा तय की। स्वतंत्रता संग्राम के नेताओं ने स्पष्ट किया कि भारत का भविष्य लोकतांत्रिक और संप्रभु गणराज्य होगा। “स्वराज” और “पूर्ण स्वराज” की मांग ने संविधान निर्माण की विचारधारा को सीधे प्रभावित किया।
  3. कैबिनेट मिशन योजना, 1946
    1946 में ब्रिटिश सरकार द्वारा भेजे गए कैबिनेट मिशन ने संविधान सभा की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। संविधान सभा भारतीय जनता के निर्वाचित प्रतिनिधियों से बनी, जिसके द्वारा भविष्य के संविधान की रूपरेखा निर्धारित की गई।
  4. संविधान सभा और संविधान निर्माण
    संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई। लगभग तीन वर्षों तक व्यापक बहस, चर्चा और समितियों की सिफारिशों के आधार पर भारतीय संविधान का मसौदा तैयार किया गया।
    • 26 नवंबर 1949 को संविधान को अपनाया गया।
    • 26 जनवरी 1950 को इसे लागू किया गया, जिसे हम गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं।
  5. विश्व संविधानों से प्रेरणा
    भारतीय संविधान को “उधार का बुना हुआ वस्त्र” कहा गया है क्योंकि इसमें अनेक देशों के संविधानों से श्रेष्ठ प्रावधान अपनाए गए।
    • ब्रिटेन से संसदीय प्रणाली,
    • अमेरिका से मौलिक अधिकार एवं न्यायिक पुनर्वीक्षण,
    • आयरलैंड से नीति निर्देशक तत्व,
    • सोवियत संघ से मौलिक कर्तव्य,
    • कनाडा से संघीय ढाँचा,
    • फ्रांस से स्वतंत्रता, समानता और भ्रातृत्व के आदर्श लिए गए।

निष्कर्ष:

भारतीय संविधान का निर्माण लंबी संवैधानिक यात्रा, स्वतंत्रता संघर्ष और विश्व के श्रेष्ठ संवैधानिक अनुभवों का परिणाम है। यह दस्तावेज भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और सामाजिक-आर्थिक न्याय की आकांक्षा को मूर्त रूप देता है। 26 जनवरी 1950 को संविधान के लागू होने से भारत न केवल स्वतंत्र राष्ट्र बना बल्कि एक पूर्ण गणराज्य के रूप में स्थापित हुआ। यही ऐतिहासिक पृष्ठभूमि भारतीय संविधान को अद्वितीय और कालजयी बनाती है।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न और उत्तर (MCQs)

प्रश्न 1: भारत में संवैधानिक विकास की शुरुआत किस अधिनियम से मानी जाती है?
A) भारतीय परिषद अधिनियम, 1861
B) रेगुलेटिंग एक्ट, 1773
C) भारत सरकार अधिनियम, 1919
D) भारत सरकार अधिनियम, 1935

सही उत्तर: B) रेगुलेटिंग एक्ट, 1773

स्पष्टीकरण:
भारत में संवैधानिक विकास की नींव रेगुलेटिंग एक्ट, 1773 से पड़ी। इसके तहत पहली बार ब्रिटिश संसद ने भारत के प्रशासन में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप किया। इस अधिनियम ने गवर्नर-जनरल की नियुक्ति और नियंत्रण की व्यवस्था की तथा ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन को संसद के अधीन लाने की प्रक्रिया शुरू की। यही कारण है कि इसे भारत की संवैधानिक यात्रा का पहला कदम माना जाता है।

प्रश्न 2: भारत सरकार अधिनियम, 1919 ने किस नई व्यवस्था की शुरुआत की?
A) संघीय ढाँचा
B) द्वैध शासन प्रणाली (Dyarchy)
C) न्यायिक पुनर्वीक्षण
D) संसदीय प्रणाली

सही उत्तर: B) द्वैध शासन प्रणाली (Dyarchy)

स्पष्टीकरण:
भारत सरकार अधिनियम, 1919 को मॉण्टेग्यु-चेम्सफोर्ड सुधार भी कहा जाता है। इसके तहत प्रांतों में पहली बार द्वैध शासन (Dyarchy) लागू किया गया। इसमें कुछ विभाग निर्वाचित भारतीय मंत्रियों को और शेष गवर्नर तथा उनके अधिकारियों को सौंपे गए। यद्यपि यह व्यवस्था जटिल थी, परंतु इसने भारतीयों को प्रशासनिक भागीदारी का अवसर दिया और आगे लोकतांत्रिक विकास की नींव रखी।

प्रश्न 3: संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई थी?
A) 26 जनवरी 1950
B) 9 दिसंबर 1946
C) 15 अगस्त 1947
D) 26 नवंबर 1949

सही उत्तर: B) 9 दिसंबर 1946

स्पष्टीकरण:
संविधान सभा, जो कैबिनेट मिशन योजना (1946) के माध्यम से बनी थी, की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई। इसी सभा में भारतीय संविधान की रचना के कार्य की शुरुआत हुई। लगभग तीन वर्षों तक चर्चा, बहस और समितियों की मदद से मसौदा तैयार किया गया। अंततः संविधान 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत हुआ और 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया।

प्रश्न 4: भारतीय संविधान में ‘मौलिक अधिकार एवं न्यायिक पुनर्वीक्षण’ की प्रेरणा किस देश से ली गई है?
A) ब्रिटेन
B) अमेरिका
C) आयरलैंड
D) कनाडा

सही उत्तर: B) अमेरिका

स्पष्टीकरण:
भारतीय संविधान विभिन्न देशों की संवैधानिक विशेषताओं से प्रेरित है। मौलिक अधिकार और न्यायिक पुनर्वीक्षण की अवधारणा अमेरिकी संविधान से ली गई है। अमेरिका में इन अधिकारों को लोकतंत्र का मूल स्तंभ माना जाता है। भारत ने इन्हें अपनाकर नागरिकों को स्वतंत्रता, समानता और मौलिक स्वतंत्रताओं का संरक्षण दिया, साथ ही न्यायपालिका को यह अधिकार दिया कि असंवैधानिक कानूनों को वह निष्प्रभावी कर सके।

प्रश्न 5: भारत में संविधान को कब लागू किया गया और इस दिन को किस रूप में मनाया जाता है?
A) 26 नवंबर 1949 – स्वतंत्रता दिवस
B) 26 जनवरी 1950 – गणतंत्र दिवस
C) 15 अगस्त 1947 – संविधान दिवस
D) 26 नवंबर 1950 – स्वतंत्रता दिवस

सही उत्तर: B) 26 जनवरी 1950 – गणतंत्र दिवस

स्पष्टीकरण:
भारतीय संविधान को 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत किया गया था, लेकिन इसे 26 जनवरी 1950 को औपचारिक रूप से लागू किया गया। यह तिथि इसलिए चुनी गई क्योंकि 1930 में कांग्रेस ने इसी दिन “पूर्ण स्वराज” का ऐतिहासिक संकल्प लिया था। संविधान लागू होने के साथ ही भारत एक पूर्ण गणराज्य बन गया और तब से यह दिन गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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