उत्तराखंड की भौगोलिक विशेषताएँ
उत्तराखंड की भौगोलिक संरचना अत्यंत जटिल और प्रभावशाली है, जो इसे भारत के अन्य राज्यों से भिन्न एक अद्वितीय पहचान प्रदान करती है। +
- भौगोलिक अवस्थिति: उत्तराखंड भारत के उत्तरी भाग में स्थित एक हिमालयी राज्य है, जिसका आकार लगभग आयताकार है। यह 28°43′ से 31°27′ उत्तरी अक्षांश के मध्य फैला हुआ है।
- क्षेत्रफल और विस्तार: राज्य का कुल क्षेत्रफल 53,483 वर्ग किमी है, जो भारत के कुल भूभाग का 1.69% हिस्सा है। इसकी पूर्व से पश्चिम तक की लंबाई 358 किमी और उत्तर से दक्षिण की चौड़ाई 320 किमी है।
- पर्वतीय बनाम मैदानी: उत्तराखंड का भूगोल मुख्य रूप से पर्वतीय है; इसका 86.07% (46,035 वर्ग किमी) भाग ऊँचे पहाड़ों से घिरा है, जबकि मात्र 13.93% भाग ही मैदानी है।
- अंतर्राष्ट्रीय सीमाएँ: सामरिक दृष्टि से यह महत्वपूर्ण राज्य है, जिसकी कुल 625 किमी अंतर्राष्ट्रीय सीमा है। इसमें 350 किमी सीमा चीन (तिब्बत) से और 275 किमी नेपाल से लगती है।
- आंतरिक जनपद: राज्य के 13 जिलों में से 4 जिले—टिहरी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और अल्मोड़ा—पूरी तरह से आंतरिक हैं, जिनकी सीमाएँ न तो किसी देश से लगती हैं और न ही किसी अन्य भारतीय राज्य से।
- ट्रांस हिमालयी क्षेत्र: यह हिमालय के उत्तर में स्थित सबसे प्राचीन क्षेत्र है, जिसे टेथिस हिमालय भी कहते हैं। यहाँ माणा, नीति और लिपुलेख जैसे प्रसिद्ध दर्रे स्थित हैं।
- वृहत हिमालय (हिमाद्री): यह राज्य का सबसे ऊँचा क्षेत्र है, जहाँ वर्षभर बर्फ जमी रहती है। यहीं उत्तराखंड की सबसे ऊँची चोटी नंदा देवी (7817 मी.) स्थित है।
- लघु या मध्य हिमालय: 1,200 से 4,500 मीटर की ऊँचाई वाला यह क्षेत्र मसूरी, रानीखेत और बिनसर जैसी प्रसिद्ध पर्वत श्रेणियों और रमणीय पर्यटन स्थलों के लिए जाना जाता है।
- दून और द्वार क्षेत्र: मध्य हिमालय और शिवालिक के बीच स्थित चौरस घाटियों को पश्चिम में ‘दून’ (जैसे देहरादून) और पूर्व में ‘द्वार’ कहा जाता है। ये क्षेत्र सघन जनसंख्या और उपजाऊ भूमि के लिए प्रसिद्ध हैं।
- शिवालिक श्रेणी: इसे ‘बाह्य हिमालय’ या ‘हिमालय का पाद’ कहा जाता है। यहाँ राज्य की सर्वाधिक वर्षा (200-250 सेमी) होती है और यहाँ अनेक पर्यटन केंद्र स्थित हैं।
- भाबर और तराई: शिवालिक के दक्षिण में कंकड़-पत्थर युक्त भाबर क्षेत्र है जहाँ नदियाँ भूमिगत हो जाती हैं, जबकि उसके नीचे महीन कणों वाला दलदली तराई क्षेत्र है जो गन्ना और धान की खेती के लिए सर्वोत्तम है।
- विशाल हिमनद (ग्लेशियर): उत्तरकाशी में स्थित गंगोत्री हिमनद उत्तराखंड का सबसे बड़ा ग्लेशियर है, जो गंगा (भागीरथी) का उद्गम स्थल है। इसके अतिरिक्त यमुनोत्री और पिंडारी प्रमुख हिमनद हैं।
- प्रमुख नदी तंत्र: राज्य का जलप्रवाह तीन प्रमुख तंत्रों—गंगा, यमुना और काली (शारदा)—में विभाजित है। काली नदी राज्य की सबसे लंबी नदी (252 किमी) है।
- पंच प्रयाग: अलकनंदा नदी के संगम पर स्थित पाँच पवित्र स्थल—विष्णुप्रयाग, नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग—उत्तराखंड की आध्यात्मिक और भौगोलिक पहचान हैं।
- प्राकृतिक घास के मैदान: वृहत हिमालय के निचले भागों में मखमली घास के मैदान पाए जाते हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में बुग्याल या पयार कहा जाता है।
- विविध जलवायु: ऊँचाई के साथ यहाँ की जलवायु बदलती रहती है; जहाँ तराई में उपोष्ण जलवायु है, वहीं 4,200 मीटर से ऊपर हिमानी जलवायु पाई जाती है।
- वनस्पति संपदा: राज्य में ऊँचाई के अनुसार साल, चीड़, देवदार और बुरांस के वन मिलते हैं। बांज (Oak) के वृक्ष को यहाँ ‘उत्तराखंड का वरदान’ माना जाता है।
- विश्व धरोहर ‘फूलों की घाटी‘: चमोली जिले में स्थित यह घाटी अपनी दुर्लभ वनस्पतियों के लिए प्रसिद्ध है, जिसे फ्रैंक एस. स्माइथ ने 1931 में खोजा था।
- मृदा विविधता: यहाँ मैदानों में उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी पाई जाती है, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में लाल, भूरी और कंकड़युक्त मिट्टी का विस्तार है।
- निष्कर्ष: उत्तराखंड की भौगोलिक विविधता इसे जैव-विविधता का केंद्र बनाती है। यह न केवल नदियों का उद्गम स्थल है, बल्कि अपनी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से भारत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ है।
वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी
प्रश्न 1. उत्तराखंड की भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में कौन सा कथन सही है?
- यह भारत के उत्तरी भाग में स्थित एक हिमालयी राज्य है।
- इसका आकार लगभग आयताकार है।
- यह 28°43′ से 31°27′ उत्तरी अक्षांश के मध्य स्थित है।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
प्रश्न 2. उत्तराखंड के क्षेत्रफल और विस्तार के बारे में क्या सत्य है?
- राज्य का कुल क्षेत्रफल 53,483 वर्ग किमी है।
- यह भारत के कुल भूभाग का 1.69% हिस्सा है।
- पूर्व से पश्चिम तक इसकी लंबाई 358 किमी है।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
प्रश्न 3. राज्य की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के संबंध में कौन से तथ्य सही हैं?
- राज्य की कुल अंतर्राष्ट्रीय सीमा 625 किमी है।
- चीन (तिब्बत) के साथ 350 किमी की सीमा लगती है।
- नेपाल के साथ 275 किमी की सीमा लगती है।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
प्रश्न 4. उत्तराखंड के ‘आंतरिक जनपदों‘ (Internal Districts) में कौन शामिल हैं?
- टिहरी और रुद्रप्रयाग
- बागेश्वर
- अल्मोड़ा
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
प्रश्न 5. वृहत हिमालय (हिमाद्री) क्षेत्र की क्या विशेषताएँ हैं?
- यह राज्य का सबसे ऊँचा क्षेत्र है।
- यहाँ वर्षभर बर्फ जमी रहती है।
- यहाँ राज्य की सबसे ऊँची चोटी नंदा देवी (7817 मी.) स्थित है।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
प्रश्न 6. लघु या मध्य हिमालयी क्षेत्र के बारे में सही विकल्प चुनें:
- इसकी ऊँचाई 1,200 से 4,500 मीटर के मध्य है।
- यहाँ मसूरी और रानीखेत जैसी पर्वत श्रेणियाँ स्थित हैं।
- यह क्षेत्र रमणीय पर्यटन स्थलों के लिए प्रसिद्ध है।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
प्रश्न 7. शिवालिक श्रेणी (बाह्य हिमालय) के संदर्भ में क्या सही है?
- इसे ‘हिमालय का पाद’ भी कहा जाता है।
- यहाँ राज्य की सर्वाधिक वर्षा (200-250 सेमी) होती है।
- यहाँ अनेक पर्यटन केंद्र स्थित हैं।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
प्रश्न 8. उत्तराखंड के हिमनद (ग्लेशियर) और नदी तंत्र के बारे में क्या सत्य है?
- गंगोत्री राज्य का सबसे बड़ा हिमनद है।
- काली (शारदा) राज्य की सबसे लंबी नदी (252 किमी) है।
- जलप्रवाह मुख्य रूप से गंगा, यमुना और काली तंत्रों में विभाजित है।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
प्रश्न 9. राज्य की वनस्पति और घास के मैदानों के बारे में कौन सा कथन सही है?
- मखमली घास के मैदानों को बुग्याल या पयार कहा जाता है।
- बांज (Oak) के वृक्ष को ‘उत्तराखंड का वरदान’ माना जाता है।
- यहाँ ऊँचाई के अनुसार साल, चीड़, देवदार और बुरांस के वन मिलते हैं।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
प्रश्न 10. तराई और भाबर क्षेत्र की विशेषताओं के संबंध में क्या सही है?
- भाबर क्षेत्र में नदियाँ अक्सर भूमिगत हो जाती हैं।
- तराई क्षेत्र दलदली और महीन कणों वाला होता है।
- तराई क्षेत्र गन्ना और धान की खेती के लिए सर्वोत्तम है।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी