उत्तराखंड की भौगोलिक और जलवायु विविधता इसे वन्यजीवों का स्वर्ग बनाती है। भारत के कुल भूभाग का मात्र 1.63% होने के बावजूद, यह देश की लगभग 25% पक्षी प्रजातियों का घर है।
- राजकीय पशु – कस्तूरी मृग: वैज्ञानिक रूप से Moschus chrysogaster के नाम से प्रसिद्ध यह मृग 3600-4400 मीटर की ऊँचाई पर पाया जाता है। इसे ‘हिमालयन मस्क डियर’ भी कहते हैं।
- कस्तूरी की महत्ता: केवल नर मृग में कस्तूरी ग्रंथि होती है, जिससे औषधि और इत्र बनाया जाता है। एक मृग से हर 3 साल में 30-45 ग्राम कस्तूरी प्राप्त होती है।
- मृग की विशेषता: कस्तूरी मृग के सींग नहीं होते; आत्मरक्षा के लिए इसके दो नुकीले दांत होते हैं। इसका मुख्य भोजन ‘केदारपाती’ नामक वनस्पति है।
- राजकीय पक्षी – हिमालयी मोनाल: Lophophorus impejanus को ‘हिमालय का मयूर’ कहा जाता है। यह पक्षी 2500-5000 मीटर की ऊँचाई पर, विशेषकर केदारघाटी में पाया जाता है।
- मोनाल की आदतें: नर मोनाल के सिर पर रंगीन कलगी होती है। यह पक्षी अपना घोंसला नहीं बनाता और इसका प्रिय भोजन आलू की फसल है।
- राजकीय तितली: 7 नवंबर 2016 को ‘वूली वैंडेड पीकॉक’ को राज्य तितली घोषित किया गया। यह अपनी आकर्षक बनावट के लिए जानी जाती है।
- बाघ (Tiger): उत्तराखंड का कॉर्बेट नेशनल पार्क भारत का पहला टाइगर रिजर्व है। यहाँ बाघों का सर्वाधिक घनत्व पाया जाता है और इनकी स्थिति ‘संकटग्रस्त’ (EndangereD. है।
- हिम तेंदुआ (Snow Leopard): यह उच्च हिमालय का अत्यंत शर्मीला और दुर्लभ जीव है। इसके संरक्षण के लिए उत्तरकाशी में देश का पहला ‘हिम तेंदुआ संरक्षण केंद्र’ प्रस्तावित है।
- एशियाई हाथी: राज्य के तराई-भाबर और शिवालिक क्षेत्रों (राजाजी और कॉर्बेट) में हाथी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। 2002 में इनके लिए ‘शिवालिक हाथी रिजर्व’ बनाया गया।
- हिमालयी भालू: राज्य में काला भालू (असुरक्षित) और भूरा भालू (संकटग्रस्त) दोनों पाए जाते हैं। ये मुख्यतः मध्य और उच्च हिमालयी वनों में निवास करते हैं।
- भरल (Blue Sheep): यह उच्च हिमालयी बुग्यालों में पाया जाने वाला जीव है और हिम तेंदुए का मुख्य शिकार (Prey base) माना जाता है।
- हिमालयी ताहर और घुरड़: ये चट्टानी ढलानों पर रहने वाले जंगली बकरे की प्रजातियाँ हैं, जिन्हें IUCN द्वारा ‘निकट-संकट’ (Near ThreateneD. श्रेणी में रखा गया है।
- काकड़ (Barking Deer): यह घने जंगलों में पाया जाता है और कुत्ते की तरह भौंकने जैसी आवाज़ निकालने के कारण ‘बार्किंग डियर’ के नाम से प्रसिद्ध है।
- बारहसिंगा (Swamp Deer): उत्तराखंड में यह दुर्लभ जीव मुख्य रूप से हरिद्वार की झिलमिल झील आरक्षिति के दलदली मैदानों में पाया जाता है।
- दाढ़ी वाला गिद्ध (Bearded Vulture): उच्च हिमालय का यह विशाल शिकारी पक्षी पारिस्थितिकी तंत्र में सफाईकर्मी की महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- सरीसृप विविधता: तराई-भाबर के गर्म इलाकों में किंग कोबरा पाया जाता है, जबकि कॉर्बेट की रामगंगा नदी में मगरमच्छ और घड़ियाल सुरक्षित हैं।
- मत्स्य विविधता: उत्तरकाशी के डोडीताल में ‘ट्राउट’ मछलियाँ और राज्य की विभिन्न नदियों में ‘महाशीर’ मछली प्रचुरता में पाई जाती है।
- संरक्षण केंद्र: कस्तूरी मृग के लिए महरूड़ी (बागेश्वर) और कांचुला खर्क (चमोली) में विशेष प्रजनन और अनुसंधान केंद्र स्थापित किए गए हैं।
- कानूनी सुरक्षा: राज्य के सभी महत्वपूर्ण वन्यजीवों को ‘वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972’ की विभिन्न अनुसूचियों के तहत कड़ी सुरक्षा प्रदान की गई है।
निष्कर्ष:
उत्तराखंड की वन्यजीव संपदा न केवल जैव-विविधता का प्रतीक है, बल्कि यह राज्य के पर्यटन और पारिस्थितिक स्वास्थ्य की धुरी भी है।
वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी
- उत्तराखंड के राजकीय पशु ‘कस्तूरी मृग‘ (Moschus chrysogaster) के बारे में क्या सत्य है?
- यह 3600-4400 मीटर की ऊँचाई पर पाया जाता है और इसे ‘हिमालयन मस्क डियर’ भी कहते हैं।
- इसके सींग नहीं होते, बल्कि आत्मरक्षा के लिए दो नुकीले दांत होते हैं।
- इसका मुख्य भोजन ‘केदारपाती’ नामक वनस्पति है।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
- कस्तूरी मृग से प्राप्त होने वाली ‘कस्तूरी‘ के संदर्भ में कौन सा कथन सही है?
- कस्तूरी केवल नर मृग की विशिष्ट ग्रंथि से प्राप्त होती है।
- इसका उपयोग औषधि और इत्र बनाने में किया जाता है।
- एक मृग से प्रत्येक 3 वर्ष में लगभग 30-45 ग्राम कस्तूरी प्राप्त की जा सकती है।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
- राजकीय पक्षी ‘हिमालयी मोनाल‘ के बारे में सही तथ्यों का चयन करें:
- इसका वैज्ञानिक नाम Lophophorus impejanus है और इसे ‘हिमालय का मयूर’ कहते हैं।
- नर मोनाल के सिर पर रंगीन कलगी होती है और यह अपना घोंसला नहीं बनाता है।
- आलू की फसल इस पक्षी का प्रिय भोजन मानी जाती है।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
- उत्तराखंड की ‘राजकीय तितली‘ और अन्य प्रतीकों के संबंध में क्या सही है?
- 7 नवंबर 2016 को ‘वूली वैंडेड पीकॉक’ (Common Peacock) को राज्य तितली घोषित किया गया।
- यह अपनी अत्यंत आकर्षक बनावट के लिए विश्वभर में जानी जाती है।
- राज्य में देश की लगभग 25% पक्षी प्रजातियाँ निवास करती हैं।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
- बाघ (Tiger) और हिम तेंदुआ (Snow LeoparD. के संरक्षण के बारे में क्या सत्य है?
- कॉर्बेट नेशनल पार्क भारत का पहला टाइगर रिजर्व है जहाँ बाघों का सर्वाधिक घनत्व है।
- हिम तेंदुआ उच्च हिमालय का दुर्लभ जीव है जिसके लिए उत्तरकाशी में संरक्षण केंद्र प्रस्तावित है।
- इन दोनों ही प्रजातियों को ‘संकटग्रस्त’ (EndangereD. श्रेणी में रखा गया है।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
- एशियाई हाथी और ‘शिवालिक हाथी रिजर्व‘ के संदर्भ में सही विकल्प चुनें:
- राज्य के तराई-भाबर और शिवालिक क्षेत्रों में हाथी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
- हाथियों के संरक्षण हेतु वर्ष 2002 में ‘शिवालिक हाथी रिजर्व’ बनाया गया।
- राजाजी और कॉर्बेट नेशनल पार्क हाथियों के प्रमुख प्राकृतिक आवास हैं।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
- हिमालयी भालू और भरल (Blue Sheep) की विशेषताओं के बारे में क्या सही है?
- राज्य में काला भालू और संकटग्रस्त भूरा भालू दोनों पाए जाते हैं।
- भरल उच्च हिमालयी बुग्यालों में पाया जाता है।
- भरल को हिम तेंदुए का मुख्य शिकार (Prey base) माना जाता है।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
- काकड़ (Barking Deer) और बारहसिंगा (Swamp Deer) के बारे में सही कथन चुनें:
- काकड़ कुत्ते की तरह भौंकने जैसी आवाज निकालने के लिए प्रसिद्ध है।
- बारहसिंगा मुख्य रूप से हरिद्वार की झिलमिल झील आरक्षिति के दलदली मैदानों में मिलता है।
- ये दोनों जीव उत्तराखंड की विशिष्ट हिरण प्रजातियाँ हैं।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
- उत्तराखंड की मत्स्य और सरीसृप विविधता के बारे में क्या सत्य है?
- उत्तरकाशी के डोडीताल में ‘ट्राउट’ मछलियाँ पाई जाती हैं।
- राज्य की नदियों में ‘महाशीर’ मछली प्रचुर मात्रा में मिलती है।
- कॉर्बेट की रामगंगा नदी में मगरमच्छ और घड़ियाल दोनों सुरक्षित हैं।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
- वन्यजीव संरक्षण हेतु कानूनी और संस्थागत प्रयासों के संदर्भ में क्या सही है?
- राज्य के वन्यजीवों को ‘वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972’ के तहत सुरक्षा प्राप्त है।
- कस्तूरी मृग हेतु महरूड़ी (बागेश्वर) और कांचुला खर्क (चमोली) में प्रजनन केंद्र हैं।
- दाढ़ी वाला गिद्ध (Bearded Vulture) पारिस्थितिकी तंत्र में सफाईकर्मी की भूमिका निभाता है।
- उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी